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Showing posts from April, 2025

Salary Se Savings Tak: 2025 Ke Naye Budget Mantra Jo Har Naukriwale Ko Aane Chahiye!

  क्या आपकी Salary आते ही उड़ जाती है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। आज की दौड़-भाग भरी ज़िंदगी में हर कोई ये सोचता है कि आखिर पैसा कैसे बचाएं? इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे पैसा बचाने के 10 आसान और असरदार तरीके जिन्हें अपनाकर आप ना सिर्फ अपनी salary को संभाल सकते हैं, बल्कि आने वाले कल के लिए भी मजबूत बचत बना सकते हैं। 1. हर महीने Budget बनाएं – (Ek Paisa Ka Map Banayein) बजट बनाना आपकी Financial Planning की पहली सीढ़ी है। इससे आपको पता चलेगा कि आपकी आमदनी कहाँ खर्च हो रही है। उदाहरण: मान लीजिए आपकी Salary ₹30,000 है, तो उसका ये allocation रखें: ₹10,000 किराया ₹8,000 खाना और बिल ₹5,000 सेविंग्स ₹2,000 इमरजेंसी फंड ₹5,000 अन्य खर्चे SEO Keywords: Monthly budget tips, paisa kaise bachayein, salary ka budget 2. 50-30-20 Rule को अपनाएं ये एक Simple Rule है: 50% – जरुरत (Needs): जैसे किराया, राशन, बिल 30% – चाहत (Wants): जैसे फिल्म, खाना बाहर का 20% – सेविंग्स और निवेश (Savings & Investments) इससे ना सिर्फ खर्च नियंत्रित होता है, बल्कि सेविंग...

Low Salary Wale Dhyan Dein: Paise Bachane Ke 5 Zabardast Ideas!

  परिचय: क्या आपकी सैलरी भी महीने के बीच में ही खत्म हो जाती है? कम इनकम में गुजारा करना कभी-कभी बहुत मुश्किल लगता है। लेकिन कुछ स्मार्ट तरीके अपनाकर आप कम सैलरी में भी आराम से जी सकते हैं और अच्छा पैसा बचा सकते हैं। चलिए जानते हैं 5 शानदार प्रैक्टिकल टिप्स जो आपकी ज़िंदगी आसान बना सकते हैं! 1. बजट बनाना और उसका पालन करना कम सैलरी में सबसे पहली जरूरत है एक मजबूत बजट बनाना। हर महीने की शुरुआत में ही अपनी कमाई और खर्चों को लिखित रूप से प्लान करें। जरूरी खर्च (जैसे किराया, राशन, बिजली बिल) और गैर-जरूरी खर्च (जैसे बाहर खाना, ऑनलाइन शॉपिंग) को अलग-अलग बांटिए। Example: मान लीजिए आपकी सैलरी ₹20,000 है। उसमें से ₹5,000 किराए में, ₹4,000 खाने-पीने में, ₹3,000 ट्रांसपोर्ट में और ₹2,000 सेविंग में फिक्स कर दें। बाक़ी ₹6,000 को बाकी खर्चों में बांटें। Pro Tip: बजट के लिए मोबाइल ऐप जैसे “Walnut” या “Money Manager” का इस्तेमाल करें — फ्री में मिलते हैं! 2. छोटे-छोटे खर्चों पर नजर रखें “₹100 तो कोई बड़ी बात नहीं…” — ऐसा सोचकर हर दिन छोटे-छोटे खर्च अगर जोड़ें, तो मह...